August 30, 2025

rashtriyadiyasamachar

एक राष्ट्र, एक विधान, एक नजर,एक खबर

राजधांनी मे चित्र विचित्र के श्रीमुख से कथा का धारा प्रवाह प्रवचन का दूसरा दिन,कभी रसिको की आखों से टपकें आसूं तो कभी भाव-विभोर होकर किया नृत्य,

आज दिनाँक 23 अगस्त को मन्दिर श्री राधा कृष्ण मान्नूगंज द्वारा राजधानी के मनभावन वेडिंग प्वाईंट मे आयोजित श्री भक्तमाल कथा का दूसरा दिन जिसमे श्री वृंदावन धाम के रसिक संत बाबा चित्र विचित्र जी महाराज जी ने श्री कृष्ण प्रेम व भक्तो की कथा मे कृष्ण के प्रेम की दीवानी मीरा भाई की कथा सुनाई चित्र विचित्र जी महाराज के श्रीमुख से निकले भजन “मेरे गिरधर गोपाला मे तेरी तू मेरा ,और मै तो अपने मोहन की प्यारी सजन मेरो गिरधारी,औ सावरे कन्हैया गलियो मे मेरी आ जा ,जैसे मार्मिक भजनो ने सभी को नाचने और आंसू बहाने को मजबूर कर दिया ,

श्रोता आनंदमय हो गये प्रेम से नाचने लगे.समिति के संस्थापक राजेंद्र सभरवाल जी ने बताया की श्रीमत भागवत कथा मोक्षदायनी है पर श्री भक्तमाल भक्तो की कथा है

भक्तमाल कोई सामान्य रचना नहीं है,अपितु यह एक आशीर्वादात्मक ग्रन्थ है भक्त के बिना भगवान् का अस्तित्व कैसा ? भक्त की भक्ति रूपी साधना ही भगवान् को प्रतिष्ठित करती है । चारों युगों के भक्तों की श्रृंखला माला ही भक्तमाल है । श्रीभक्तमाल ग्रन्थ केरचियता श्री नाभादास जी महाराज है । भक्तमाल कथा में भगवान् के प्रति भक्तों का समर्पण और उनकी दिव्य भक्ति का दर्शन है l


उन्होंने पूरी समिति की ओर से सभी सनातनियों, धार्मिक व सामाजिक संस्थाओ को कथा के लिए आमंत्रित किया…. समिति से मंदीर के पुजारी मनीष शर्मा, मुकेश शर्मा, अर्पित बग्गा, गौरव वाधवा, रजत सभरवाल, गुरदीप सिंह, ऋषभ अग्रवाल, उमेश मिनोचा विनोद भरतरी ,भारत आहूजा,पवन कुमार हरीश अरोडा , कालू भगत जी सैकडो रसिकजनो ने भाग लिया।

You may have missed

Share