
राजेन्द्र शिवाली (राष्ट्रीय दिया समाचार) कोटद्वार
कोटद्वार। स्थानीय राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की शह पर पूर्वी खोह नदी में अवैध रूप से खनन का खेल शुरू हो गया है। एक ओर खोह नदी खनन माफियाओं के लिए जहां सोना उगल रही है तो दूसरी तरफ राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन गहरी नींद सोया हुआ है। प्रजापति नगर और झूला पुल बस्ती की डेढ़ दर्जन से अधिक ट्रेक्टर ट्राली रात दो बजे से लेकर सुबह नौ बजे तक खुलेआम अवैध खनन में लगी हुई है। गाड़ीघाट एक मायने में शिक्षा का हब माना जाता है। करीब एक दर्जन स्कूल यहां संचालित हैं। सवेरे-सवेरे छह बजे से स्कूल के बच्चे सड़क पर जाने लगते हैं। इस दौरान अवैध खनन से भरी ट्रेक्टर ट्रालियां सुबह नौ बजे तक मौत बनकर सड़क पर दौड़ती रहती हैं। कई ट्रेक्टर चालकों के पास तो लाइसेंस तक नहीं हैं, ऐसे में कभी भी कोई गम्भीर हादसा हो सकता है। शायद प्रशासन तभी होश में आएगा। स्थानीय अधिकारी जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अवैध खनन को रोकने के आदेशों को खुलेआम ताक पर रखकर खोह नदी में अवैध खनन को संरक्षण दे रहे हैं। अवैध खनन को रोकने के लिए दिए गए विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती खंडूरी के आदेशों को भी अवैध खनन को रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारी ठेंगा दिखा रहे हैं। यही कारण है कि खनन माफियाओं की भेंट पूजा के आगे स्थानीय अधिकारी नतमस्तक हैं और उनके हौसले बुलन्द हैं। कहते भी हैं सैंया भए कोतवाल फिर डर काहे का। शायद प्रशासन को आगे आने वाली बरसात एक और त्रासदी का इन्तजार है। खोह नदी में अवैध खनन के चलते ही पिछली बरसात में भारी तबाही हुई थी। कई परिवार आज भी बेघर हैं।

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