April 30, 2026

rashtriyadiyasamachar

एक राष्ट्र, एक विधान, एक नजर,एक खबर

अहंकार आया… तो कीमत कम हो जाएगी”— आईएएस अकादमी में बोले राजनाथ सिंह

सुनील सोनकर (राष्ट्रीय दिया समाचार) मसूरी

मसूरी। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में फाउंडेशन कोर्स के समापन समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नव प्रशिक्षित आईएएस अधिकारियों को मानवीय नेतृत्व, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा का मंत्र दिया।

उन्होंने कहा कि अकादमी वह स्थान है, जहां देश का प्रशासनिक ढांचा तैयार होता है, और फाउंडेशन कोर्स किसी पढ़ाई का हिस्सा नहीं, बल्कि कुशल और संवेदनशील शासन की प्रतिबद्धता है।

राजनाथ सिंह ने चेताया—“अहंकार आया, तो आपकी वैल्यू अपने-आप कम हो जाएगी।”

 

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी

उन्होंने बताया कि इस वर्ष टॉप 5 में तीन महिलाएं और टॉप 25 में 11 महिला अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 2047 तक सिविल सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर होगी।

 

“सिविल सर्विस चुनी है, मतलब देश पहले”

राजनाथ सिंह ने कहा कि उच्च वेतन वाली नौकरियों के बावजूद सिविल सेवा चुनने वाले युवा यह साबित करते हैं कि उनकी प्रेरणा व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि देश की सेवा है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अधिकारियों की बड़ी भूमिका बताई।

 

लोक सेवक बनने का संदेश

उन्होंने कहा—“आप अब नौकरशाह नहीं, जनता के लोक सेवक हैं।”

सोशल मीडिया पर अति-निर्भर न होने की सलाह देते हुए कहा कि लोगों के दिलों में जगह काम से बनती है, प्रचार से नहीं।

 

नकल माफिया पर अपने अनुभव का उल्लेख

UP के शिक्षा मंत्री रहते हुए नकल रोकने के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कड़े कदमों से रिजल्ट 70-80% से गिरकर 20-30% पर आ गया, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता बढ़ी।

 

ईमानदारी, चरित्र और सादगी पर जोर

उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान रिश्वत के प्रयास होंगे, पर उसे ठुकराकर मिलने वाला संतोष “मां के सुख” जैसा होता है।

उन्होंने सरदार पटेल और शास्त्री जी के उदाहरण देकर इंटीग्रिटी और सादगी को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताया।

अंत में दिया आत्मविश्वास का संदेश

राजनाथ सिंह ने कहा—

“अपने निर्णय में न्याय रखें, आत्मविश्वास रखें।

देश की सेवा का रास्ता कठिन है, लेकिन आस्था और निष्ठा से कोई ताकत आपको रोक नहीं सकती।”

You may have missed

Share