August 30, 2025

rashtriyadiyasamachar

एक राष्ट्र, एक विधान, एक नजर,एक खबर

सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित होगे गौवंश संरक्षण स्क्वायड गढ़वाल परिक्षेत्र के हीरो SIआशीष कुमार, एक साल मे दर्ज किये करीब 200 मुक़दमे, करीब 100 गौ-वशो की बचाई जान, साधु समाज और हिन्दू संगठनो ने दिये आशीष।

कौन कहता है कि आसमान मे छेद हो नही सकता । बस एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारो।।

लगता है ये लाईने शायर ने उत्तराखंड गौ संरक्षण स्क्वाड मे तैनात सब इंस्पैक्टर आशीष कुमार के लिए ही कहे होगे सरकार ने जब से गौ हत्या पर प्रतिबंध लगाया है तभी से न जाने क्यो गौ वश की हत्या के मामले आये दिन सामने आने लगे थे अब ये समंझ से परे है कि एक समुदाय दूसरे समुदाय की भावनाऐ आहत करना चाहता था या फिर सरकार के इस फैसले का विरोध पर वजह चाहे जो भी रही हो क्योकि कानून बना है तो कानून की हिफाजत भी करनी धी तो उत्तराखंड के गढ़वाल परिक्षेत्र के उप महानिरीक्षक ने गौ-वश संरक्षण स्क्वाड का गठन किया जिसमे जनवरी 2022 मे एसआई आशीष कुमार को तैनात किया गया तैनाती के तुरंत बाद ही जोशीले आशिष ने गौवंश के कातिलो की घेरा-बंदी शुरू कर दी और अपने भरोसेमंद गुप्तचरो की मदद से गौवंश की हत्या करने वालो पर लगाम लगानी शुरू कर दी देखते ही देखते हरिद्वार, रूडकी और देहरादून मे एसआई आशीष ने गौवंश तस्करो और गौवंश के हत्यारो मे पुलिस का खौफ बैठा दिया और मात्र एक साल मे ही करीब 200 लोगो को गौवंश की हत्या के जुर्म मे मुक़दमे दर कर जेल की हवा खिलाई साथ ही इन जल्लादो से चंगुल से सौ के करीब जिंदा गौवंश की जान बचा कर उन्हे सुरक्षित गौशालाओ मे दाखिल कराया जिसके चलते गौवंश हत्या मे अचानक से कमी आने लगी इसी बात का संज्ञान लेकर गौशाला चावमंडी रूडकी और अन्नकूट आश्रम हरिद्वार ने सब इंस्पैक्टर आशीष को सम्मानित किया

इतना ही नही की हिन्दू संगठनो ने भी सब इंस्पैक्टर आशीष कुमार का समय समय पर सम्मान कर कानून का साथ दिया अब 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय मे पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार गौवंश संरक्षण स्क्वायड मे तैनात आशीष कुमार को “सराहनीय सेवा पदक “से सम्मानित करेगे आशा ही नही वरन पूर्ण विश्वास है कि आशीष कुमार इस पदक को लेने के बाद और कडी मेहनत से अपने काम को अंजाम देकर गौवंश हत्या जैसे गैर-कनूनी काम को करने वालो पर कानून की ताकत का स्तेमाल करते हुए पूर्ण रूप से लगाम लगाने मे सफल रहेगे और अंत मे “राष्ट्रीय दिया समाचार “परिवार आशीष कुमार के लिए यही कहता है कि,,,

तुम्हारे लिए क्या लिखू कुछ समझ नहीं आता,
बस इतना कह सकता हूँ अपने दिल से,
जब भी तुम खुश होते हो ना तो,
मेरा दिल भी खुशियों से भर जाता है।

You may have missed

Share