
आज प्रभागीय वनाधिकारी, मसूरी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, देहरादून एवं मसूरी, तथा वन क्षेत्राधिकारी, रायपुर रेंज, मसूरी रेंज, विनोग रेंज के नेतृत्व में 50 वन कर्मियों की टीम के साथ रायपुर रेंज के अंतर्गत रिस्पना नदी की गहनता से काम्बिंग की गई एवं सर्च अभियान के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डा० दिप्ती अरोड़ा एवं डॉ० प्रदीप मिश्रा भी मौजूद रहे, किन्तु गुलदार की उपस्थिति के कोई भी प्रमाण नही मिले। इसके अतिरिक्त गुलदार की उपस्थिति के संभावित क्षेत्रों डाण्डा लखीण्ड, आईटी पार्क आदि में सर्च अभियान चलाया गया एवं गुलदार पकड़ने हेतु लगाये गये पिंजरों एवं ट्रैप कैमरों का निरीक्षण किया गया।

नगर निगम देहरादून एवं एमडीडीए से गुलदार से सुरक्षा के दृष्टिगत खाली भूमि से झाडियों की साफ-सफाई करने का अनुरोध किया गया, क्योंकि ऐसी झाडी वाली भूमि में गुलदार की छुपने/घात लगाने की संभावना अधिक रहती है। दोपहर में वन संरक्षक, यमुना वृत्त द्वारा मालसी स्थित कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की गई एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल श्री नरेश कुमार एवं वन संरक्षक भागीरथी वृत्त श्री धर्म सिंह मीणा द्वारा भी डांडा लखोण्ड क्षेत्र में गुलदार पकड़ने हेतु लगाये गये पिंजरों एवं कैमरा ट्रैप का निरीक्षण किया गया एवं टीम को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। इसके अतिरिक्त आज मा० मंत्री कृषि, सैनिक कल्याण, ग्राम्य विकास, उत्तराखण सरकार, श्री गणेश जोशी जी एवं प्रभागीय वनाधिकारी महोदय मसूरी वन प्रभाग, मसूरी द्वारा गुलदार द्वारा मृत व्यक्ति के परिजनों को 03 लाख रु० धनराशि का चैक दिया गया।


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