इस प्रकरण में 4 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। एक कर्मचारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं जबकि एक अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
नगर आयुक्त, नगर निगम, हरिद्वार द्वारा उपलब्ध करायी गयी आख्या में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता पाए जाने पर प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए रणवीर सिंह चौहान, सचिव, गन्ना चीनी, उत्तराखण्ड शासन को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच में पाया गया है कि उक्त भूमि को क्रय किये जाने हेतु गठित समिति के सदस्य के रूप में रवीन्द्र कुमार दयाल, अधिशासी अधिकारी श्रेणी-2 (प्रभारी सहायक नगर आयुक्त), नगर निगम, हरिद्वार, आनन्द सिंह मिश्रवाण, सहायक अभियन्ता (प्रभारी अधिशासी अभियन्ता), नगर निगम, हरिद्वार, लक्ष्मीकांत भट्ट, कर एवं राजस्व अधीक्षक, नगर निगम, हरिद्वार और
दिनेश चन्द्र काण्डपाल, अवर अभियन्ता, नगर निगम, हरिद्वार द्वारा अपने दायित्वों का सम्यक् रूप से निर्वहन नहीं किया गया है। इस पर इन सभी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
इस प्रकरण में सेवा विस्तार पर कार्यरत सेवानिवृत्त सम्पत्ति लिपिक वेदपाल की संलिप्तता पायी गयी है। उनका सेवा विस्तार समाप्त करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश देने के साथ ही सुश्री निकिता बिष्ट, वरिष्ठ वित्त अधिकारी,
नगर निगम, हरिद्वार का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
More Stories
हरिद्वार पुलिस ने लोगो के ज़हन से ड्रोन का डरदूर करने के लिए लगायी चौपाल, रात में ड्रोन उड़ाकर हवाई जहाज और ड्रोन के बीच का बताया अंतर !
एक ही दिन में लखपति बन गई देहरादून पुलिस ,नगर से देहात तक व्यापक स्तर पर चलाया सत्यापन अभियान, लगभग 1300 बाहरी व्यक्तियों का किया मौके पर ही सत्यापन, 96 लापरवाह मकान मालिकों के विरूद्ध 83 पुलिस एक्ट के तहत हुए किया 9,60,000/- रू0 का जुर्माना,नियमो का उल्लंघन करने पर 75 व्यक्तियों का 81 पुलिस एक्ट में चालान कर वसूला 16,250 /- रू0 का जुर्माना!
एमडीडीए ने ऋषिकेश में अवैध निर्माणों पर की ताबड़तोड़ कार्रवाई, 11 बहुमंजिले अवैध निर्माण किए गये सील* *नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा –बंशीधर तिवारी