July 22, 2026

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चमन लाल महाविद्यालय में गृह विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय वित्तीय शिक्षा केंद्र के सहयोग से वित्तीय प्रबंधन व जागरूकता कार्यशाला का आयोजन, छात्रों को साइबर सुरक्षा और बैंकिंग की दी गयी जानकारी

चमन लाल महाविद्यालय में गृह विज्ञान विभाग द्वारा राष्ट्रीय वित्तीय शिक्षा केंद्र के सहयोग से वित्तीय प्रबंधन व जागरूकता कार्यशाला, छात्रों को दी साइबर सुरक्षा और बैंकिंग की जानकारी ।

चमन लाल महाविद्यालय लंढौरा हरिद्वार में राष्ट्रीय वित्तीय शिक्षा केंद्र, जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI तथा पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) का सहयोग प्राप्त है के सहयोग से छात्रों के लिए वित्तीय प्रबंधन एवं जागरूकता कायेशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों को वित्तीय सरक्षा, बैंकिंग सेवाओं तथा डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला का शुभारंभ भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त उप महाप्रबंधक एवं वित्तीय प्रशिक्षक संजय कुमार, भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवत्त मख्य प्रबंधक दिनेश सुदन तथा कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुशील उपाध्याय ने संयूक्त रूप से मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में संजय कुमार ने छात्रों को वित्तीय सुरक्षा से ज्ड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने बताया कि आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन का उपयोग तेजी से बढ रहा है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय सरक्षा के प्रति सजग और सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से डस बात पर जोर दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड अथवा बैंकिंग से जडी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साथ ही समय-समय पर अपने पासवर्ड और पिन बदलते रहना चाहिए, ताकि साइबर धोखाधडी और ऑनलाडन ठगी जैसी घटनाओं से बचा जा सके। उन्होंने छात्रों कोविभिन्न बैंकिंग योजनाओं, ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भूगतान सेवाओं, बीमा, निवेश, बचत की आदत तथा सेवानिवति योजनाओं के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डस अवसर पर भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवत्त मख्य प्रबंधक श्री दिनेश सदन ने भी बैंकिंग से संबंधित विभिन्न सेवाओं, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं तथा सरक्षित बैंकिंग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बचत, निवेश, बीमा, डिजिटल भुगतान और बैंकिंग लेन-देन से जूड़ी आवश्यक सावधानियों के बारे में जानकारी देते हुए छात्रों को वित्तीय रूप से जागरूक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सही वित्तीय योजना और अन्शासित बचत से भावेष्य को सरक्षित बनाया जा सकता है।
कार्यशाला के दौरान छात्रों ने वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल बैंकिंग से जडे कई प्रश्न पछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया। कार्यक्रम के अंत में गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी डॉक्टर नीतू गुप्ता ने वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ दीपा अग्रवाल,डॉ आशुतोष शर्मा,डॉ विधि त्यागी, डॉ अनीता शर्मा, डॉ ऋचा चौहान,डॉ अपर्णा शर्मा,डॉ मीरा चौरसिया,डॉ अनामिका चौहान,डॉ हिमांशु कुमार और श्रीमती रीना गुप्ता उपस्थित रहे।

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