उत्तराखंड पुलिस मे आरक्षी शाहबाज एक ऐसी शख्सीयत बन कर उभर रही है जो किसी भी माध्यम से सूचना मिलते ही रक्तदान करने पहुच जाते है ऐसा एक ,दो या दस बार नही लगभग 6 दर्जन बार हो चुका है मजाल है कि कीसी की जान खून की कमी के चलते खतरे मे हो और शाहबाज खून देने मौके पर ना पहुचे हो शायद ही कभी ऐसा हुआ हो चाहे कीसी गर्भवती महिला के आपरेशन मे खून की जरूरत पडी हो या किसी दुर्घटनाग्रस्त घायल की जान बचाने की जद्दोजहद हो शाहबाज हर मुसीबत मे बिना धर्म या मजहब देखे रक्तदान कर जान बचाने पहुंच जाते है ताजा मामला देखने को मिला जब वरिष्ठ_पुलिस_अधीक्षक कार्यालय देहरादून की पीआरओ शाखा में नियुक्त कां0 #शाहनवाज_अहमद को व्हाट्स्अप के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई की एक डेंगू के मरीज की जान संकट मे है और मरीज को तत्काल प्लेटलेट्स की जरूरत है तो शाहनवाज ने तुरंत अपने आफिस से अनुमति लेकर ग्राफिक एरा हास्पिटल झाझरा पहुँचकर प्लेटलेट्स दान कर मरीज की जान बचाने का नेक काम किया जिसके बाद मरीज के परिवारजनों द्वारा दून पुलिस के द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उत्तराखण्ड पुलिस की प्रशंसा की और शाहनवाज को ढेरो दुवाओ से नवाज कर विदा किया और शाहनवाज दिल ही दिल मे ,ये दुनिया है उसी की जिसने ये राज जाना ,है काम आदमी का औरो के काम आना ,गुनगुनाते हुए वापस अपनी कर्मभूमि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आफिस लौट गये “राष्ट्रीय दिया समाचार परिवार ” शाहनवाज के लम्बे और स्वास्थ्य जीवन की कामना करता है ।

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