
जनपद रुद्रप्रयाग में नियुक्त रहे पुलिस उपाधीक्षक विमल रावत का पुलिस मुख्यालय के आदेश के क्रम में जनपद ऊधम सिंह नगर स्थानान्तरण हुआ है। उक्त क्रम में पुलिस कार्यालय में सूक्ष्म विदायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विमल रावत ने वर्ष 2022 में प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरान्त पुलिस उपाधीक्षक के पद पर पहली नियुक्ति इसी जनपद में पायी। जनपद में नियुक्त होने के उपरान्त इन्हें दिनांक 26.03.2022 को अस्थायी पुलिस सर्किल गुप्तकाशी के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गयी।
अपने 01 वर्ष 10 माह यानि लगभग पौने दो वर्ष के कार्यकाल में उनके द्वारा वर्ष 2022 एवं वर्ष 2023 की श्री केदारनाथ धाम यात्रा अवधि में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया। यात्रा काल अवधि में स्वयं केदारनाथ धाम में नियुक्त रहकर अधीनस्थ पुलिस बल का प्रभावी पर्यवेक्षण किया गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग द्वारा दिये गये सभी प्रकार के दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया गया। 15 अगस्त 2023 को उन्हें “सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह” से अलंकृत किया गया।
विदाई समारोह में अपने वक्तव्य के दौरान पुलिस उपाधीक्षक विमल रावत द्वारा अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपनी पुलिस विभाग की सेवा का प्रारम्भिक चरण इस जनपद व केदारनाथ धाम में रहकर करने का सौभाग्य मिला। शुरुआत में काफी चुनौतियां भी रहीं परन्तु उनके द्वारा इन चुनौतियों से काफी कुछ सीखा भी। उन्होंने इस दौरान पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग, साथी पुलिस उपाधीक्षकों के सहयोग व मार्गदर्शन तथा अधीनस्थों द्वारा दिये गये सहयोग का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग व उपस्थित स्टाफ द्वारा पुलिस उपाधीक्षक विमल रावत को नई जिम्मेदारी के निर्वहन हेतु शुभकामनाओं के साथ भाव-भीनी विदाई देकर विदा किया गया।
इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग प्रबोध कुमार घिल्डियाल, प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन गणेश बण्डवाल, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रुद्रप्रयाग जयपाल सिंह नेगी सहित पुलिस कार्यालय में नियुक्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

More Stories
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उत्तराखंड में 6 हजार कर्मचारियों और 900 से अधिक नियोक्ताओं को मिली ₹24 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि
माॅक ड्रिल से परखी जाएंगी मानसून की तैयारियां, 2 जुलाई को होगी मानसून पूर्व तैयारियों पर राज्य स्तरीय माॅक ड्रिल
धामी सरकार का भ्रष्टाचार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हरिद्वार भूमि घोटाले में बड़ा प्रहार, 10 पर मुकदमा, पूर्व नगर आयुक्त की बर्खास्तगी की संस्तुति, तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह पर मेजर पनिशमेंट, एसडीएम की तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश