August 30, 2025

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उत्तराखंड की बेटी का अनोखा और साहसिक प्रयास,उत्तराखंड में नारी सशक्तिकरण के लिए अंजू की उत्तराखंड दौड़, 2000 किलोमीटर दौडने का है लक्ष्य, एक दिन मे दौडती है साठ किलोमीटर,

दिनेश पाण्डे (राष्ट्रीय दिया समाचार)किच्छा

जहां पूरे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैसेज फैल रहा है और भाजपा कार्यकर्ता भी उसे बढ़ा चढ़ाकर लोगों के बीच में लेकर जा रहे हैं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ । इसी मैसेज को लेकर किच्छा उत्तराखंड की रहने वाली अंजू राठौड़ उत्तराखंड की लड़कियों के बीच में एक जागरूकता फैलाने के लिए उत्तराखंड रन कर रही है वह प्रतिदिन 60 किलोमीटर दौड़ रही है और लगभग 2000 किलोमीटर दौड़ने का उनका लक्ष्य है, यहां पर यह भी बता दें अंजू की आय का कोई साधन नहीं है और वह अपने खर्च स्वयं ही उठाती हैं उनको कहीं से कोई सहयोग प्राप्त नहीं है । उनके पैर में बचपन से ही एक परेशानी होने के बावजूद भी वह बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश पूरे उत्तराखंड में देना चाहती हैं और वह इस दौड़ को एक रिकॉर्ड के रूप में बनाना चाहती है ताकि उत्तराखंड की बेटियों में जागरूकता ला सके और उन्हें यह बता सके कि पांव में तकलीफ होने के बाद भी उन जैसी लड़की इस तरह रिकॉर्ड बना सकती हैं तो बाकी महिलाएं क्यों नहीं । उनका संदेश अधिकतर उन गांव देहात में रहने वाली लड़कियों और महिलाओं के लिए है जो सिर्फ घर के कामकाज के कारण काफी काबिलियत होने के बावजूद भी आगे नहीं बढ़ पाती। आपको बता दें अंजू रात में किसी पेट्रोल पंप के पास में रुक जाती हैं जहां पर वह अपना टेंट लगाकर खाना बनाती हैं और खाने के बाद दूसरे दिन फिर से उत्तराखंड के लिए दौड़ती हैं ताकि संदेश साफ तौर पर सबको पहुंचा सकें। काफी कठिनाइयों के बावजूद भी वह इस दौड़ को पूरा कर माननीय प्रधानमंत्री जी का संदेश घर-घर पहुंचाना चाहती हैं और नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना चाहती हैं हालांकि यहां सबसे अफसोस की बात यह है कि उत्तराखंड की बेटी के सहयोग के लिए कोई नेता कोई सुधीजन सामने नहीं आ रहा है जबकि वह भाजपा और कांग्रेस के विधायकों से भी संपर्क कर चुकी है किंतु सभी ने उनकी अनदेखी की है लेकिन अंजू के मजबूत हौसले उसके साथ हैं ।

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