सुनील सोनकर (राष्ट्रीय दिया समाचार ) मसूरी
मसूरी। एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में वर्षों से दर्ज पात्र लोगों के नामों पर आपत्तियां लगाए जाने को लेकर मसूरी में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों की ओर से संगठित तरीके से मुस्लिम और ईसाई समुदाय समेत अन्य स्थानीय मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि पात्र नागरिकों के मताधिकार से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शहर कांग्रेस कमेटी ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को प्रत्यावेदन देकर आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस ने कहा कि कई ऐसे मतदाताओं के नामों पर आपत्ति की गई है, जो दशकों से मसूरी में रह रहे हैं और जिनका नाम किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति का सुनवाई के दौरान स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य किया जाए और बिना ठोस प्रमाण के शिकायतों को खारिज किया जाए। साथ ही आपत्तियों का विवरण बीएलए-2 को उपलब्ध कराने और बीएलओ व स्थानीय सभासद से भी मतदाता के स्थानीय निवास की पुष्टि कराने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से पात्र मतदाताओं को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि मताधिकार संविधान प्रदत्त अधिकार है और इसे छीनने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि नियमों के तहत ठोस प्रमाण मिलने पर ही किसी मतदाता का नाम हटाया जाएगा। कांग्रेस ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए, ताकि न अपात्र का नाम जुड़े और न ही किसी पात्र नागरिक का वोटर लिस्ट से नाम कटे।

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