समाज मे बढती सामाजिक कुरीतीयो मे से एक कुरीती है लडकियो की समय से पहले शादी जिसके चलते लडकिया किशोर अवस्था मे ही मां बन जाती है जिसके चलते मां और बच्चो मे कुपोषण की संभावनाए बनी रहती है इसी के मद्देनजर आज महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग और रूम टू रीड संस्था के सहयोग से early marriage & early pregnancy टॉपिक पर जनपद के महिला शक्ति केंद्र और वन स्टॉप सेण्टर के माध्यम से जी जी आई सी अजबपुर, ब्रहमपूरी, रानीपोखरी और ऋषिकेश और जी आई सी सेलाकुई, पटेलनगर एवं बुल्लावाला की बालिकाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण गोष्ठी का आयोजन एक सितम्बर से सात सितम्बर तक आयोजन किया गया,
जिसमे महिला कल्याण अधिकारी , सरोज ध्यानी द्वारा बालिकाओं को कम उम्र में शादी होने के खतरों के बारे में जानकारी दी गयी, बालिकाओं को बताया गया की लड़कियों की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण उनकी जल्दी शादी और जल्दी बच्चे को माना गया है, साथ ही यह भी जानकारी दी गयी कि नवजात शिशु की मृत्यु, उन नवजात की होती है, जिनकी माँ की उम्र 20 वर्ष से कम होती है. तो कही न कही हम अपने राज्य के मातृ मृत्यु दर (MMR) एवं शिशु मृत्यु दर (IMR) को बढाने में अपनी भागीदारी निभा रहे है, जो कि हमें नहीं करना है. बालिकाओं की जल्दी शादी और बच्चा पैदा करने से “साइकिल ऑफ़ पावर्टी” में वृद्धि होती है, जिससे कुपोषण का दुष्चक्र भी बना रहता है. वन स्टॉप सेण्टर की माया नेगी के द्वारा बालिकाओं को जल्दी शादी करने के पश्चात शिक्षा के अधिकार से वंचित होने की जानकारी दी गयी, बालिकाओं अपनी शिक्षा को पूरी नहीं कर पाती है, उनके कन्धों पर घर परिवार की जिम्मेदारी बढ़ जाती है और वह समाज में लिंग भेदभाव का भी शिकारी होने लगती है. साथ सभी बालिकाओं को वन स्टॉप सेण्टर दी जाने वाली सुविधाओं, इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी जिसमे राष्ट्रीय महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला पुलिस हेल्पलाइन नंबर 1090 आदि की जानकारी के साथ साथ, उनके अधिकारों वह कानूनी अधिकारों की भी जानकारी दी गयी. कार्यक्रम में सरोज ध्यानी, माया नेगी, रेखा भंडारी, नैना डोबरियाल व संगीता उपाध्याय उपस्थित रहे,


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