

रायपुर ब्लाक के करीब आधा दर्जन गांव पिछले पांच दिन से नारकीय जीवन जीने को मजबूर है पिछले पाच दिन से नलो मे पानी की एक बूंद तक ना टपकने के कारण लोग नदी नालो मे जाकर नहा धो कर और शौच इत्यादी कर रहे है मगर महिलाए घर मे ही बिना पानी के रहने को मजबूर है जहा स्थानीय लोग दूषित पानी पीकर बीमार पड रहे है वही नदी किनारे सौच कर के नदी को भी दूषित करने को मजबूर हो रहे है जिसका खामियाज़ा रायपुर छेत्र के बाकि गाव नदी के दूषित पानी
को उपयोग करके बिमार पड रहे है इन गांवो के नज़दीक पडने वाले अस्पताल रायपुर चिकित्सालय के डाक्टरो की माने तो सबसे जयादा मरीज वायरल और डायरिया के इन्ही छेत्रो से आ रहे है पानी की नियमित आपूर्ति की बाबत जब छेत्र के अभियन्ता रामकुमार यादव से बात की तो उनहोने भी स्वीकारा की छेत्र मे पानी की समस्या पिछले पाच दिनो से बनी हुई है मगर हम पानी के टैकरो से आपूर्ति करने मे असमर्थ है हालांकि उन्होंने ये स्वीकारा कि लाईन पर काम बराबर चल रहा है और एक दो दिन मे पानी की अस्थाई आपूर्ति शुरू हो सकती है JE रामकुमार यादव की बात का समर्थन तो AE ज्योति कोटनाला भी कर रहे है मगर इन गावो के सभी परिवारो को भगवान भरोसे छोड कर अपना पल्ला झाड रहे है अब देखने वाली बात ये है कि इन गांवो के हजारो लोग कब तक अपनी सहनशीलता की मिशाल पेश करते है और अपने इस नारकीय जीवन को अपनी नियती मान कर चूप रहते है लेकिन कहावत है कि किसी को इतना मत धकेलो की वो दीवार से सट जाये क्योकि दिवार से सटने के बाद उसको पलटवार करना ही पडता है अब देखना ये है संबंधित अधिकारीगण इन परिवारो के धैर्य की परीक्षा कब तक लेते है

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