आरोपः जोशीमठ में निर्माण कार्य पर रोक के बावजूद प्रभावशाली कर रहे निर्माण, गरीबों को नहीं बनाने से दे अस्थाई टीन शेड भी
गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के जोशीमठ में आपदा प्रभावितों ने आरोप लगाते हुए शुक्रवार को उप जिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से एक ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तराखंड को भेजते हुए कहा कि आपदा के चलते जोशीमठ क्षेत्र में हर तरह के निर्माण पर रोक के बावजूद, प्रभावशाली लोगों की ओर से भारी निर्माण जारी और गरीब प्रभावितों पर सख्ती के की जा रही है और उन्हें अस्थाई टीन शेड बनाने से भी रोका जा रहा है। जिससे लोगों में काफी आक्रोश बना हुआ है। उन्होंने इसकी जांच की मांग की है।
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूड़ी का कहना है कि 2023 से जोशीमठ में सभी तरह के निर्माण पर रोक है। इसके बावजूद प्रभावशाली लोगों की ओर से निर्माण कार्य लगातार जारी है। कई बार के ध्यान दिलाने के बाद भी इसमें कोई रोक नहीं है। जबकि गरीब जरुरत मंद अगर अपने क्षतिग्रस्त भवन की जगह अस्थाई टीन शेड भी बनाना चाहे तो उस पर पूरी सख्ती की जा रही है। उनका कहना है कि अभी हाल में लोगों ने औली रोड़ पर एक होटल के भारी निर्माण और बदरीनाथ रोड पर होटल निर्माण के आलावा आईटीबीपी, सेना के की ओर से निर्माण की लगातार शिकायतें की गई हैं। इससे पूर्व यही शिकायत आपदा प्रबन्धन सचिव से लोगों ने 20 जनवरी की आम बैठक में की थी। इसके उपरांत सेना, आईटीबीपी के निर्माण के संदर्भ में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने एक मार्च 2024 में सचिव आपदा प्रबन्धन से मुलाकात के समय अपनी चिन्ता व्यक्त की थी।
इसके बाद भी इस पर कोई रोक नहीं लगी है। इससे न सिर्फ शासन के आदेशों की अवहेलना हो रही है बल्कि जोशीमठ में भविष्य में होने वाले स्थाईकरण के कार्य भी प्रभावित होंगे। कानून के समक्ष समान व्यवहार का भी यह खुला उल्लंघन है ।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ के बहुत से प्रभावित परिवार और संवेदनशील क्षेत्र में रहने वाले परिवार अपने भविष्य के दृष्टिगत, अपनी ही सुरक्षित क्षेत्र की भूमि पर अस्थाई टीन शेड आदि बना कर अपनी व्यवस्था करना चाहते हैं। निर्माण पर रोक से वे यह करने में असमर्थ हैं। जब तक कोई स्थाई नीति अथवा व्यवस्था नहीं बनती ,उन्हें अस्थाई टीन शेड बनाने की अनुमति देना न्यायसंगत होगा। उनका कहना है कि पिछले डेढ़ साल से सभी तरह के निर्माण बन्द होने से बहुत से लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। जिसमें इस व्यवसाय से जुड़े लोगों के अतिरिक्त दैनिक कार्य करने वाले गरीब मजदूर सार्वाधिक प्रभावित हुए हैं। सीएम से वार्ता पर उनके नुकसान भरपाई के लिए मुआवजा देने पर सहमति बनी थी। इस पर तुरंत अमल किया जाना चाहिए जिससे उनके परिवार को संकट से उबारा जा सके।
उन्होंने कहा कि उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि जोशीमठ में भारी निर्माण रोक का शासनादेश सब पर समान रुप से लागू किया जाए, प्रभावित एवम असुरक्षित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अस्थाई टीन शेड निर्माण एवम सुरक्षा के लिए सुधारीकरण के कार्य करने की अनुमति दी जाए, निर्माण कार्य पर रोक से प्रभावितों का मुआवजा तय कर शीघ्र वितरित किया जाए, जोशीमठ के स्थाईकरण के कार्य शीघ्र प्रारम्भ किए जाए। ज्ञापन देने वालों में संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूड़ी, पूर्व सभाषद प्रकाश नेगी, दीपक कुमार आदि शामिल थे।

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