देवाल (चमोली)। चमोली जिले के देवाल के ओडर गांव को जोड़ने के लिए पिंडर नदी पर बनी ट्राली में बैठक कर मंगलवार को तीन ग्रामीण अपने कार्य से आ रहे थे कि अचानक नदी के बीच में ट्राली ने काम करना बंद कर दिया। करीब ढाई घंटे तक तीनों ग्रामीण हवा में ही झुलते रहे। बाद में किसी तरह लोनिवि की टीम ने रेश्क्यू कर ग्रामीणों को बाहर निकाला। ग्रामीणों के लिए पिछले दस साल से ट्राली जी का जंजाल बनी हुई है।
मंगलवार ओडर गांव निवासी सुरेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह और सुनील राम पिंडर नदी पर बने इलैक्ट्रिक ट्राली में बैठ कर आ रहे थे तभी बीच नदी में ट्राली का वैरिंग ने काम करना बंद कर दिया और बीच नदी के ऊपर जीवन मौत से जूझने लगे। इसकी सूचना अधिशासी अभियंता लोनिवि थराली को दी गई। जिसके बाद पर लोनिवि टीम मौके पर पहुंची। गांव वालों की मदद से तीनों लोगों को रेस्क्यू कर ट्राली से बहर निकला गया।
ग्रामीणों का कहना है कि 2013 की आपदा में पिंडर नदी पर बना झूला पुल बह गया था। उसके बाद ग्रामीणों की आवाजाही के लिए इलैक्ट्रिक ट्राली लगाई। जो अधिकांशतया खराब रहती है। इस स्थान पर विश्व बैंक की ओर से पुल निर्माण का टेंडर हुआ है, लेकिन एक वर्ष से काम शुरू नहीं हुआ है।
इधर, अधिशासी अभियंता लोनिवि थराली दिनेश मोहन गुप्ता ने कहा कि ट्राली का वैरिंग टूट गया था, जिस कारण ट्राली नदी के ऊपर रूक गई तीनों लोगों को निकाला गया है। ट्राली को ठीक कर चालू कर दिया जाएगा।

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