February 12, 2026

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मसूरी मालरोड़ पर वाहन प्रवेश को लेकर हुआ हंगामा,टैक्सी संचालको ने वाहन पर पास लगाकर सावरिया ढोते पकड़ी इनोवा गाड़ी,

सुनील सोनकर (राष्ट्रीय दिया समाचार) मसूरी

मसूरी। माल रोड पर प्रतिबंधित समय में वाहनों के प्रवेश को लेकर मसूरी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका परिषद द्वारा राजीव जैन, आईआरएस (उप निदेशक, प्रवर्तन निदेशालय) के नाम पर शासकीय कार्य हेतु जारी विशेष प्रवेश पासों के दुरुपयोग का आरोप सामने आया है। स्थानीय टैक्सी यूनियन का दावा है कि इन पासों का इस्तेमाल सरकारी काम के बजाय पर्यटकों के अवैध परिवहन में किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए दिल्ली नंबर की तीन गाड़ियों को पिक्चर पैलेस और लाइब्रेरी बैरियर से प्रतिबंधित समय में प्रवेश की अनुमति दी गई थी। आरोप है कि इन वाहनों से क्लब महिंद्रा के पास स्थित “समर क्लाउड होम स्टे” से पर्यटकों को माल रोड तक लाया-ले जाया जा रहा है।

टैक्सी यूनियन ने पकड़ी इनोवा, रजिस्ट्रेशन पर सवाल

किक्रेंग टैक्सी एसोसिएशन ने एक दिल्ली नंबर की इनोवा को पकड़ा। चालक ने पर्यटकों के परिवहन की बात स्वीकार की। यूनियन अध्यक्ष सुमित कुमार ने आरोप लगाया कि वाहन का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो चुका है और इसी तरह की अन्य गाड़ियां भी बिना वैध दस्तावेजों के संचालित हो रही हैं, जिससे स्थानीय टैक्सी चालकों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

यूनियन का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने केवल पॉल्यूशन चालान काटकर वाहन छोड़ दिया, जिससे प्रभावशाली लोगों को संरक्षण मिलने की आशंका जताई जा रही है। चेतावनी दी गई है कि कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

चालक की सफाई, प्रशासन हरकत में

चालक गौरव सिंह रावत ने दावा किया कि उसके पास नगर पालिका द्वारा जारी वैध प्रवेश पास है और वह केवल होमस्टे के पर्यटकों को ही लाता-ले जाता है।

मामले पर मसूरी कोतवाल देवेंद्र चौहान ने जांच की पुष्टि की, वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि सभी पासों की जांच कर अनियमितता पाए जाने पर उन्हें तत्काल निरस्त किया जाएगा।

नगर पालिका की भूमिका पर सवाल

शासकीय कार्य के नाम पर दी गई अनुमति का यदि व्यावसायिक दुरुपयोग हुआ है, तो यह नियमों का उल्लंघन और स्थानीय टैक्सी व्यवसायियों के साथ अन्याय है। अब निगाहें प्रशासन की निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं

 

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