March 21, 2026

rashtriyadiyasamachar

एक राष्ट्र, एक विधान, एक नजर,एक खबर

उत्तराखंड में नहीं बढ़ेगा पंचायतों का कार्यकाल, पंचायतीराज निदेशालय ने परीक्षण के बाद शासन को सौंपी रिपोर्ट।

उत्तराखंड में नहीं बढ़ेगा पंचायतों का कार्यकाल, पंचायतीराज निदेशालय ने परीक्षण के बाद शासन को सौंपी रिपोर्ट……

देहरादून: 31 जुलाई को संगठन की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव पंचायतीराज को प्रकरण का परीक्षण कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी थी।

प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जा सकता। पंचायती राज निदेशालय ने मामले का परीक्षण कराने के बाद शासन को रिपोर्ट सौंप दी है। वहीं, उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन पंचायतों का दो साल कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।

31 जुलाई को संगठन की मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिव पंचायतीराज को प्रकरण का परीक्षण कर एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी थी। ग्राम पंचायत, क्षेत्र और जिला पंचायत प्रतिनिधि यह कहते हुए दो साल का कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे कि कोविड-19 की वजह से दो साल तक पंचायतों को कोई बजट नहीं मिला।

इस दौरान पंचायतों की बैठकें तक नहीं हो पाई। संगठन की मांग पर सीएम ने मामले का परीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। जिस पर शासन ने प्रदेश के महाधिवक्ता से सुझाव मांगा था। अफसरों के मुताबिक, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर ने संविधान के अनुच्छेद 243 का हवाला देते हुए कहा, पंचायतों का कार्यकाल पांच साल के लिए है। अधिक समय के लिए नहीं बढ़ाया जा सकता।

पंचायतों के कार्यकाल के संबंध में मुझसे रिपोर्ट मांगी गई थी। इस मसले पर मैंने अपना सुझाव दे दिया है।
-एसएन बाबुलकर, महाधिवक्ता

प्रदेश में पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल बढ़ाने की मांग को लेकर इन दिनों 13 जिले, 13 संवाद कार्यक्रम चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत संगठन को मजबूत करने के लिए हर न्याय पंचायत स्तर पर संयोजक बनाए जा रहे हैं। यदि कार्यकाल न बढ़ा तो विरोध में प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
-जगत मार्तोलिया, संयोजक उत्तराखंड त्रिस्तरीय पंचायत संगठन

You may have missed

Share