
सुनील सोनकर (राष्ट्रीय दिया समाचार) मसूरी
पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर पटरी व्यापारियों को हटाकर अन्य स्थानों पर शिफ्ट किए जाने का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई के साथ ही इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, जिससे शहर का माहौल तनावपूर्ण होता जा रहा है। नगर पालिका प्रषासन ने 20 दिसंबर से मसूरी मालरोड में पटरी पर पूणतः प्रतिबधित कर दिया है।
हाल ही में एसडीएम मसूरी राहुल आनंद द्वारा पटरी व्यापारियों का चिह्नीकरण (सर्वे) किया गया, जिसमें कुल 97 पटरी व्यापारियों को चिन्हित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि इन व्यापारियों को माल रोड से हटाकर शहर के अन्य उपयुक्त स्थानों पर व्यवस्थित करने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है।
हालांकि, सर्वे सूची से बाहर रह गए पटरी व्यापारियों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। उनका आरोप है कि चिह्निकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं रही। आक्रोशित व्यापारियों का कहना है कि यदि उन्हें माल रोड पर पटरी लगाने से रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री सोनिया आनंद रावत ने पटरी व्यापारियों का समर्थन करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पालिका अध्यक्ष प्रशासन के साथ मिलकर पटरी व्यापारियों की रोजी-रोटी छीनने का काम कर रही हैं, जो सरासर गलत है।
सोनिया आनंद रावत ने कहा कि हर व्यक्ति को सम्मानपूर्वक रोजगार करने का अधिकार है। यदि पटरी व्यापारियों को माल रोड से हटाया जा रहा है, तो पहले उनकी ठोस और स्थायी वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने चिह्निकरण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए और चेतावनी दी कि इस फैसले का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
वहीं, इन आरोपों पर जवाब देते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने स्पष्ट कहा कि वह माल रोड को किसी भी हालत में “मच्छी बाजार” नहीं बनने देंगी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में किसी भी तरह की राजनीति नहीं की जा रही है।मीरा सकलानी के अनुसार, जो लोग वास्तव में पटरी व्यापार पर निर्भर हैं, उनका चिह्निकरण एसडीएम मसूरी और टाउन वेंडिंग कमेटी द्वारा नियमों के तहत किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो व्यापारी पात्र होंगे, उनकी हर हाल में व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग निजी स्वार्थ या राजनीति के चलते माल रोड की गरिमा को ठेस पहुंचाना चाहते हैं, उन्हें किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पटरी व्यापारियों के महामंत्री संजय टम्टा ने नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन पर पटरी व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह कार्यशैली किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। संजय टम्टा ने स्पष्ट कहा कि सभी पटरी व्यापारियों की व्यवस्था करना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो पटरी व्यापारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
बाइट संजय टम्टा महामंत्री पटरी व्यापारी संघ मसूरी
बाइट सोनिया आनंद रावत वरिष्ठ कांग्रेस नेता
बाइट मीरा सकलानी पालिका अध्यक्ष मसूरी

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