
आग बरसाती धूप से हलकान लोग पानी की तरफ खिचे चले जाते है और सहस्त्रधारा राजधानी मे सबसे करीब होने के चलते गर्मी से राहत देने वाला सबसे सस्ता पर्यटन स्थल माना जाता है स्थानीय लोग यहा जगह जगह पानी को रोककर तालाब बना देते है जिसके चलते पर्यटक ठंडे ठंडे पानी मे नहा कर आसमान से बरस रही आग से निजात पाते है लेकिन नहाने के इन्ही तलाबो मे अपने परिजनो के साथ नहाती हुई लडकियो के साथ छेडखानी करने से नही चूकते इस छेडखानी का विरोध करने पर ये शोहदे परिजनो के साथ मारपीट करने तक से भी गुरेज नही करते राजस्थान से आये पर्यटको ने बताया कि हम जयपुर से ऋषिकेश हरिद्वार मसूरी घुमने आये थे लेकिन सहत्रधारा नदी मे नहाने के दौरान जितनी बदतमीजी हमारे साथ हुई है हम बता भी नही सकते उन्होने बताया कि करीब आधा दर्जन लडको के ग्रूप ने हमारा पानी के तालाब ने नहाना दूभर कर दिया हम लोगो ने नहाने के तलाब बदल दिया तो वे लोग वहा पहुंच कर भी सरेआम छेड़खनी करते रहे हम लोगो ने पूरी सहत्रधारा मे पुलिसकर्मीयो की तलाश की लेकिन एक भी सिपाही नजर नही आया वही दुसरी तरफ देहरादून के कंडोली से परिवार ने बताया कि हम लोग सहत्रधारा नहाने के लिए आये थे लेकिन यहा पर आवारा लडको की शरारती हरकतो के चलते बिना नहाये ही वापस जा रहे है जब हमने इस बारे मे एसओ राजपुर पीडी भट्ट से बात की तो उन्होने बताया कि सहत्रधारा पिकनिक स्पाॅट पर 3 सीजन डयूटी और 3 चौकी आईटीपार्क के पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात रहते है लेकिन पर्यटको की माने तो जरूरत पडने पर कोई सिपाही नजर नही आता जिसके कारण इन शोहदो पर पुलिस का कोई खौफ नजर नही आता गौरतलब है कि जब राजधानी के करीब इस प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पर रोजाना हजारो की भीड आती है और कोई वर्दी वाला नजर नही आता हो तो इस तरह के मनचले अपनी इन हरकतो के चलते यहा पर आने वाले पर्यटको के मनस पटल पर क्या असर डालते होगे ।

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