राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा आरटीओ (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून के माध्यम से जनजागरूकता एवं प्रवर्तन की व्यापक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देना, दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा सुरक्षित सड़क संस्कृति विकसित करना है।
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत देहरादून शहर के प्रमुख मार्गों पर जनजागरूकता बैनर एवं पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें आमजन को विभिन्न सड़क सुरक्षा संदेशों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जैसे— शराब पीकर वाहन न चलाएँ (ड्रिंक एंड ड्राइव नहीं), ट्रिपल राइडिंग न करें, राइडर एवं पिलियन दोनों हेलमेट पहनें, वाहन में सभी यात्री सीट बेल्ट लगाएँ, रेड लाइट पर अवश्य रुकें/रेड लाइट जंप न करें, एम्बुलेंस को रास्ता दें, तथा यातायात नियमों का पालन करें। साथ ही किशोर द्वारा वाहन चलाने (Juvenile Driving) के संबंध में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत विशेष जागरूकता संदेश भी प्रसारित किए जा रहे हैं।
अभियान को केवल चालान/दंड तक सीमित न रखते हुए, सकारात्मक प्रेरणा एवं प्रशंसा आधारित पहल भी की जा रही है। यातायात नियमों का पालन करने वाले जिम्मेदार नागरिकों—जैसे हेलमेट/सीट बेल्ट पहनने वाले वाहन चालक—को समाज के लिए प्रेरणा स्वरूप प्रस्तुत करते हुए उनका सम्मान एवं प्रशंसा की जा रही है। इसी क्रम में “Responsible Parents / Responsible Mother” (जिम्मेदार अभिभावक/जिम्मेदार माता) की अवधारणा को भी बढ़ावा दिया गया है, जिसमें उन माताओं को प्रेरणा स्रोत के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है जो दोपहिया वाहन पर बच्चों को स्कूल छोड़ने/लाने के दौरान स्वयं हेलमेट पहनती हैं एवं 4 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को भी हेलमेट पहनाती हैं।

बच्चों में शुरुआत से ही यातायात नियमों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने हेतु विद्यालय स्तर पर ड्रॉइंग प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता एवं स्लोगन प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा बनाए गए चयनित पोस्टर/चित्रों को सार्वजनिक प्रदर्शन एवं प्रचार के माध्यम से जागरूकता का हिस्सा बनाया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत ओवर स्पीडिंग के विरुद्ध स्पीड रडारगन के माध्यम से प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है तथा इसके उद्देश्य एवं प्रक्रिया को स्पष्ट करने हेतु पोस्टर/बैनर माध्यम से पिक्चराइजेशन भी किया गया है, जिससे जनमानस यह समझ सके कि स्पीड नियंत्रण का उद्देश्य केवल चालान नहीं बल्कि जीवन सुरक्षा है।
इसके अतिरिक्त परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा वर्ष 2026 में देहरादून में प्रारंभ होने जा रहे चिल्ड्रन ट्रैफिक पार्क के संबंध में भी जनता को जागरूक किया जा रहा है। इस पार्क के माध्यम से बच्चों को इंटरैक्टिव लर्निंग द्वारा यातायात नियमों एवं सड़क सुरक्षा व्यवहार सिखाया जाएगा।
साथ ही विभिन्न हितधारकों के साथ सहभागिता बढ़ाने हेतु चालक/परिचालकों के साथ संगोष्ठी एवं संवाद, यूनियनों एवं संबंधित संगठनों के साथ बैठकें, जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जा रही हैं तथा आगामी कार्यक्रमों जैसे रोड सेफ्टी मैराथन एवं रोड सेफ्टी कार्निवल की तैयारियाँ भी जारी हैं।
यह जनजागरूकता अभियान देहरादून के प्रमुख मार्गों—घंटाघर, दिलाराम चौक, सहारनपुर रोड, दर्शनलाल चौक, कनक चौक, लैंसडाउन चौक, रेसकोर्स, गांधी पार्क, आईटी पार्क, रायपुर रोड, ईस्ट कैनाल रोड, ऋषपना, आईएसबीटी, बल्लूपुर, प्रेमनगर, एफआरआई आदि सहित शहर के विभिन्न मार्गों पर संचालित किया जा रहा है ताकि अधिकतम जनसामान्य तक सड़क सुरक्षा संदेश पहुँच सके।
परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा पुनः सभी नागरिकों से अपील की जाती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, सुरक्षित वाहन चलाएँ और सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने में सहयोग

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