March 21, 2026

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एक डाक्टर ऐसा भी जिसने समंझा पहाड का दर्द, चमेली के फूल छोड थामा फूलघाॅस का दामंन,अमीरो को छोड की गरीबो की सेवा।

दुनिया भर में डॉक्टरों को भगवान के बाद दूसरा दर्जा दिया जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे जीवन रक्षक होते हैं जो मानवता के लिए अथक परिश्रम करते। इसके अलावा, वे व्यापक ज्ञान और उपकरणों से लैस होते है जो उन्हें सही प्रक्रियाओं के साथ अपने रोगियों का सही उपचार करने में बडी भूमिका निभाते है जिनमे सबसे ज्यादा मदद करते है रेडियोलॉजी मे निपुण डाक्टर ऐसे ही एक डाक्टर हैं जो वैसे तो किसी परिचय के मोहताज नही है जो पहाड़ के मरीजो के दर्द को समझने वाला,अपने पेशे मे इमानदारी और मेहनत की मिसाल मरीजो के लिए समर्पित डाक्टर डाक्टर शिव प्रसाद कुडियाल जो सन् 2012 में दून हॉस्पिटल में हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट रेडियोलोजी में तैनात होने के बावजूद अपनी मर्ज़ी से सीमांत जनपद उत्तरकाशी में स्वयं की इच्छा से ट्रांसफ़र लेकर आठ वर्ष तक अपनी सेवा दी, तत् पछतात 2022 में सीएमओ चमोली का पद संभाला मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद से रिटायर्ड होने के बाद देहरादून के सुपरस्पेशियलिटी मैक्स हॉस्पिटल में पाँच लाख के पैकेज को धत्ता बता कर पुनः रिवर्स पलायन कर उत्तरकाशी की ओर रुख़ किया और चैरिटबल अल्ट्रासाउंड की सुरुआत की जो अन्य डॉक्टर्स के लिये एक प्रेरणा दायक कार्य है इसी लिए कहा है कि जब हौसला भी हो जनून भी हो और त्याग की भावना कूट कूटकर भरी हो तो तब जाकर कोई कोई कोई शिव का प्रसाद Dr S,P kudiyall जो अल्ट्रासाउंड मशीन पर बैठे हो तो जीवन रक्षक और हाथ मे बांसुरी हो तो कृष्ण नजर आते है, राष्ट्रीय दिया समाचार परिवार ऐसे सम्मानित पेशे को शुशोभित करने वाले डाक्टर के सुखमय और स्वास्थ्य जीवन की कामना करता है।

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