रिपोर्ट = राजीव शास्त्री बहादराबाद
सरकारी नौकरी का मोह आदमी को बुद्धहीन ही नही अंधा भी बना देता है सरकारी नौकरी की चाह मे हरिद्वार के रहने वाले अभिषेक शर्मा ने स्नातक करने के बाद जब नौकरी की तलाश शुरू की तो उसे ऋषिकेश पशुलोक निवासी प्रदीप उनियाल मिला जिसने अभिषेक को सरकारी नौकरी और वो सचिवालय मे के सब्जबाग दिखाये जिसकी एवज मे प्रदीप उनियाल ने अभिषेक से एक लाख साठ हजार की पहली किस्त भी वसूल ली लेकिन जब कई माह बाद तक भी कुछ नही हुआ तो अभिषेक ने प्रदीप से अपने दिये पैसो की मांग शूरू कर दी जिसके बाद से ही प्रदीप का रवैया बदल गया और रूपये देने मे टाल मटोल करने लगा थक हार कर अभिषेक ने थाना सिडकुले प्रदीप उनियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी के खिलाफ जांच शुरू कर दी लेकिन एक बडा सवाल खडा तो होता ही है कि इतने समय से फर्जी भर्तीयो के खिलाफ सरकार ने अभियान छेड कर बता दिया कि धामी सरकार रिस्वत से नही काबलियत के आधार पर नौकरी दे रही है आपको याद होगा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री खुद कई बार अपील कर चुके है कि सरकारी नौकरी के लालच में अपने माता पिता के खून पसीने की कमाई यू ही किसी ठग को देकर मुर्ख ना बने क्यकि धामी सरकार ने एक बाद एक भर्ती घोटालों पर पहले ही जांच बैठा चुकी है और गलत तरीके से भर्ती करने और होने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है।

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