
हिन्दू धर्म मे दान का बहुत महत्व होता है शास्त्रो मे कन्या दान को बडा दान माना जाता है लेकिन उससे भी बडा दर्जा दधीचि दान को दिया गया है आज यही दान उत्तराखंड के राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में श्रीमती विजयलक्ष्मी, 78 वर्ष के परिजनों द्वारा उनकी मृत्यु के उपरांत उनके परिजनों के द्वारा स्वैच्छिक देहदान, दधीचि देहदान समिति के माध्यम से संपन्न कराया गया।
श्रीमती विजयलक्ष्मी स्वयं में बॉटनी विषय की प्रोफेसर रही है एवं उनके सभी परिजन शिक्षाविद एवं चिकित्सक हैं जो आज के देह दान के कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे।
इस अवसर पर एनाटॉमी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एम के पंत द्वारा फाइकस का पौधा उनके पति श्री शिवपाल सिंह एवं उनके परिजनों को दिया है ताकि उस पौधे को अपने बगिया में रोपित कर एक प्रतीक के रूप में उसे याद किया जा सके। इस अवसर पर एनाटॉमी विभाग से डॉ पीयूष , डॉ राजेश मौर्य डॉ अभिनव डॉक्टर अंजली कुछ एमबीबीएस के विद्यार्थी एवं देह दान समिति से डॉक्टर अतुल गुप्ता एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।


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