March 21, 2026

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भारतीय दंड संहिता मे तीन नये कानून जुडने पर भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ ने दी केन्द्र सरकार को बधाई।

*भारतीय जनता पार्टी एन जी ओ प्रकोष्ठ की प्रदेश सह संयोजक मधु जैन ने*देश में आपराधिक न्याय प्रणाली में बड़ा बदलाव होने पर सभी प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहां आज से 3 नए कानूनों को लागू कर दिया गया है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बधाई देते हुए कहा कि औपनिवेशिक कानून का दौर अब खत्म हो गया है. अब देश में दंड की जगह न्याय मिलेगा. देरी की जगह त्वरित सुनवाई होगी. अंग्रेजों के जमाने से चला रहा राजद्रोह कानून को भी खत्म कर दिया गया है.

 

मधु जैन ने “देश की जनता को बहुत-बहुत बधाई दी और कहा की आजादी के 77 साल बाद आपराधिक न्याय प्रणाली (Criminal Justice System) अब पूरी तरह से स्वदेशी हो रही है और भारतीय मूल्यों के आधार पर चलेगी. 75 साल बाद इन कानूनों पर विचार किया गया.”

 

*अब‘त्वरित सुनवाई होगी, त्वरित न्याय मिलेगा’*

उन्होंने आगे कहा, “आज से जब ये कानून लागू हो गए हैं, तो लंबे समय से चले आ रहे औपनिवेशिक कानूनों को खत्म कर दिया गया है देश में दंड की जगह न्याय लेगा. देरी की जगह लोगों को अब स्पीडी ट्रायल और स्पीडी जस्टिस मिलेगा. पहले सिर्फ पुलिस के अधिकार सुरक्षित थे लेकिन अब पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं के अधिकार भी सुरक्षित होंगे.”

 

उन्होंने बताया इससे पहले देश में बड़े बदलाव के तहत 3 नए आपराधिक कानून लागू हो गए. माना जा रहा है कि इससे भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में दूरगामी बदलाव होंगे. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 अब देशभर में प्रभावी हो गए हैं. इन तीनों नए कानून ने अब ब्रिटिश कालीन कानूनों क्रमश: भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (IEA) की जगह ली है.

मोदी जी निर्देश से वादा किया था वह पूरा किया मैं सभी प्रदेशवासियों की तरफ से मोदी जी का धन्यवाद किया।

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