August 30, 2025

rashtriyadiyasamachar

एक राष्ट्र, एक विधान, एक नजर,एक खबर

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को लेकर एम्स ऋषिकेश अलर्ट मोड पर, श्रमिकों के इलाज के लिए एम्स ने डिजास्टर वार्ड सहित अस्पताल के 41 बेड किये आरक्षित, चार विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें की गई है गठित।

उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को यदि एम्स ऋषिकेश लाया जाता है, तो श्रमिकों के इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश पूरी तरह तैयार है। चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और अस्पताल प्रशासन ने श्रमिकों के बेहतर उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की 4 टीमें गठित की हैं।

उत्तरकाशी से एम्स पहुंचाए जाने की स्थिति में श्रमिकों को एम्स के हेलीपैड से सीधे अस्पताल की ट्रॉमा इमरजेंसी में ले जाया जाएगा। तैयारियों के बाबत जानकारी देते हुए एम्स अस्पताल प्रशासन के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नरेन्द्र कुमार ने बताया कि ट्रॉमा सेन्टर के डिजास्टर वार्ड सहित अस्पताल के अन्य एरिया में सभी श्रमिकों के लिए 41 बेडों की पर्याप्त व्यवस्था रखी गई है। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सकों की 4 टीमें गठित कर उन्हें अलर्ट मोड पर रखा गया है। इन टीमों में ट्रॉमा सर्जन, एनेस्थिसिया, मनोरोग और जनरल मेडिसिन विभाग के चिकित्सक शामिल हैं।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह राज्य सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। डॉ. नरेन्द्र ने बताया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उत्तरकाशी भेजे जाने के लिए भी डॉक्टर्स और नर्सिंग अधिकारियों की एक टीम तैयार रखी गई है। उल्लेखनीय है कि एम्स के पास अपना हेलीपैड है, जहां एक बार में 3 हेलीकॉप्टर्स एक साथ उतारे जा सकते हैं।

बाईट एम्स अस्पताल प्रशासन के असिस्टेंट प्रोफेसर (डॉ) नरेन्द्र कुमार।

You may have missed

Share